MPPSC Self Study or Coaching : स्ट्रेटेजी सफल होने की 2025-2026

MPPSC Self Study or Coaching : Amazing Strategy

 

MPPSC Self Study or Coaching : तैयारी के लिए  क्या सही है ?

 अधिकारी बनने का सपना सच करने के लिए हर साल हज़ारो उम्मीदवार MPPSC  की प्रतिष्ठित राज्य सेवा परीक्षा में शामिल होते है , लेकिन कई उम्मदवारो के  मन में शुरुवात में एक प्रश्न  बार बार आता है की ” MPPSC Self Study or Coaching ” तैयारी के लिए  क्या सही है ?  खास तौर से उन लोगों के मन में यह विचार जरूर आता है जो किसी दूरदराज  के एरिया  या गांव में रहते है , की हम कोचिंग किये बिना अधिकारी बन सकते है या नहीं ? सेल्फ स्टडी बेस्ट है या कोचिंग स्टडी ?

यहाँ  पर हम कोचिंग या  सेल्फ स्टडी दोनों की तुलना करेंगे , जानेंगे की MPPSC में सिलेक्शन के लिए क्या स्मार्ट स्ट्रेटेजी अपनायी जाये “MPPSC Self Study or Coaching”

Eligibility 

सबसे पहले हम MPPSC परीक्षा पैटर्न पर एक निगाह डालते है यह परीक्षा तीन चरणों में होती है ,

  • प्रीलिम्स ( प्रारंभिक परीक्षा ) – ऑब्जेक्टिव टाइप
  • मैन्स     ( मुख्य  परीक्षा )   – डिस्क्रिप्टिव  टाइप
  • इंटरव्यू  ( साक्षात्कार  )    – व्यक्तित्व परिक्षण

इन तीन स्टेप्स को पार करने के बाद ही MPPSC में चयन होता है , इन तीन चरणों की तैयारी करने की रणनीति  बनाना  जरुरी होता है इसलिए प्रश्न यही उठता है की तैयारी कैसे की जाये , यहां हम सेल्फ स्टडी और कोचिंग दोनों के बारे में स्टेप BY स्टेप  समझने की कोशिश करेंगे

SELF STUDY MPPSC Exam : Complete Information

इसका मतलब  है बिना कोई कोचिंग या गाइडेंस के पढ़ाई करना , स्टडी मटेरियल , टाइम टेबल बनाना और खुद के द्वारा पढ़ाई का मूल्याङ्कन करना शामिल है

 

सेल्फ स्टडी के फायदे 

  • खर्चा कम  –

कोई फीस वगैरह नहीं देना पड़ता और न ही पढ़ाई के लिए घर से बाहर जाना पड़ता ,

  • टाइम कण्ट्रोल

आपके हाथो में होता है  सेल्फ स्टडी में कब क्या पढ़ना, कहाँ से पढ़ना ये सब आप ही तय करते  हो  ,

  • डीप स्टडी

बाहर न जाने से समय की बचत जिससे पढ़ाई के लिए ज्यादा समय मिलता है आप बार बार रिविज़न कर सकते हो

सेल्फ स्टडी में चुनौतियां 

  • गाइडेंस की कमी

ऐसा हो सकता है की सही दिशा न मिल पाए और हम पढ़ाई में गलती कर बैठे

  • डाउट बने रहना

मार्गदर्शन न मिल पाने से डाउट क्लियर नहीं हो पाते  इसलिए हमेशा अंदरूनी कमी महसूस होती रहती रही

  • मोटिवेशन की कमी

पढ़ाई का माहौल न मिल पाने से बोरियत होने लगती है और कुछ समय बाद पढ़ाई से मन हटने लगता है ,अकेले रहने से आत्मविश्वास भी कम होने           लगताहै

  कोचिंग STUDY 

“MPPSC Self Study or Coaching” में अब हम कोचिंग के फायदे और नुकसान के बारे में चर्चा करेंगे , कोचिंग संस्थान एक योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करवाते है , मॉक टेस्ट , टेस्ट सीरीज , एक्सपर्ट गाइडेंस और सलाह देते है ,

कोचिंग स्टडी के फायदे 

  • सही दिशा

क्या और कैसे पढ़ना है ? इसके बारे में पता होता है

  • गाइडेंस

अनुभवी फेकल्टी का मार्गदर्शन मिलता है , समय समय पर पूर्व चयनित कैंडिडेट भी एक्सपीरियंस शेयर करते है

  • स्टडी मटेरियल

टेस्ट सीरीज और स्टडी मटेरियल यानि की पढ़ाई के लिए रेडीमेड मटेरियल मिलता है ,

  • मोटिवेशन

पढ़ाई का माहौल बना रहता है , हर उम्मीदवार सबसे बेस्ट करना चाहता है इससे कम्पटीशन बढ़ता है जिससे मोटिवेशन बना रहता है

कोचिंग जाने  में चुनौतियां 

  • खर्चीला

फीस स्टडी मटेरियल के पैसे , नोट्स पीडीऍफ़ , की फोटोकॉपी और प्रिंट

  • कॉमन स्टडी मटेरियल

सभी के लिए एक जैसा सिलेबस रहता है जिससे  नए   ASPIRENTS  को मौका नहीं मिलता 

  • अधिक  प्रतिस्पर्धी 

माहौल हो जाने से कभी कभी हीन हीन भावना  घर कर जाती  है 

तुलनात्मक मूल्यांकन 

पहलु                                                    सेल्फ स्टडी                                  कोचिंग

लागत                                                        कम                                        ज्यादा

समय                                                        ज्यादा                                      सीमित

गाइडेंस                                                     सीमित                                     प्रोफेशनल

डाउट्स                                                     सुलझाना मुश्किल                      आसान

स्टडी मटेरियल                                            सवयं के द्वारा चयनित                 संसथान द्वारा सिलेक्टेड

“MPPSC Self Study or Coaching” में सेल्फ स्टडी आपके लिए बेहतर विकल्प है कब ?

सेल्फ स्टडी फायदेमंद है 

  • आपके पास सही स्टडी मटेरियल और रणनीति है
  • आप पहले से किसी अन्य उच्च परीक्षा की तैयारी कर रहे है
  • आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर है
  • अपने डेली रूटीन का कड़ाई से पालन कर सकते है यानि की आपकी इच्छा शक्ति मजबूत है
  • आप ऑनलाइन मटेरियल को खोज सकते है जैसे की यूट्यूब , इंस्टाग्राम , पीडीऍफ़ से

“MPPSC Self Study or Coaching” में कोचिंग आपके लिए जरुरी है

कोचिंग आपके लिए फायदेमंद है 

  • आप फ्रेशर है और पहली बार MPPSC की एग्जाम दे रहे है
  • टाइम MANAGMENT नहीं कर पाते है
  • पढ़ाई का बेस पहले से कमजोर है
  • आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी है
  • आप जल्दी  सीखना चाहते है
  • PEER ग्रुप या मेंटर चाहते है

टेक्नोलॉजी के इस दौर में आप MPPSC  की तैयारी “MPPSC Self Study or Coaching”  इसका सलूशन हाइब्रिड मॉडल अपनाकर  कर सकते हैं ,

स्टडी का हाइब्रिड मॉडल

  • यूट्यूब पर ऑनलाइन क्लासेज अटेंड करें
  • प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओ की ऑनलाइन टेस्ट सीरीज ज्वाइन करें
  • ऑनलाइन नोट्स और पीडीऍफ़ की मदद  ले
  • TELEGRAM के स्टडी ग्रुप्स को फॉलो करें 
  • सेल्फ आंसर राइटिंग प्रैक्टिस करें

“MPPSC Self Study or Coaching” इस दुविधा से वही निकल सकता है जो अपनी जरुरत , समय , संसाधन , और मनोबल  के अनुरूप  निर्णय लेता है

यदि आप खुद को अनुशासित रख सकते है , सही मटेरियल और गाइडेंस तलाश  कर सकते है, तो सेल्फ स्टडी आपको  सफलता  दिला सकती है

और यदि आप शुरुवात कर रहे है  बहुत सारे डाउट्स है तो कुछ समय के लिए कोचिंग ज्वाइन कर मार्गदर्शन  लेना ज्यादा बेहतर होगा .

 

10 TIPS FOR MPPSC FIRST ATTEMPT  SUCCESS

” 10 TIPS FOR MPPSC FIRST ATTEMPT  SUCCESS  “

MPPSC  एक ऐसी दुनिया है जिसमे पास होने का सपना हजारो नहीं लाखों  लोग  देखते है , लेकिन यह सवाल अक्सर पूछा जाता है की  क्या MPPSC में First Attempt में Selection  लिया  जा  सकता  ?  जवाब  है  – हाँ , बिलकुल लिया जा सकता है , लेकिन   इसके लिए केवल किताबे पड़ना ही काफी नहीं होता , जरुरत  होती है सही दिशा  की , समर्पण की और सबसे ज्यादा आत्मविश्वास की ।tips for selection in mppsc

FIRST ATTEMPT मतलब क्या होता है ? 

FIRST ATTEMPT  का मतलब है की आप पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे  – बिना किसी फेलियर के बोझ के , यही  समय होता है जब आपके पास सबसे ज्यादा ऊर्जा  उत्साह और फ्रेशनेस होती है ।  मैंने अपने 10 वर्षो के अनुभव से  जो सीखा है उसके आधार पर सभी बिन्दुओ का समावेश करते हुए लिखे इस  लेख में हम जानेंगे की क्या  पहली  बार में MPPSC में सिलेक्शन लिया जा सकता है ?

(1) FIRST ATTEMPT की ताकत को समझे

MPPSC  First Attempt को सीरियसली लेना बहुत जरुरी है क्योंकि ,

  • आपके ऊपर प्रीवियस फेलियर का दवाब नहीं होता है
  • आपके मन में एक नया जोश होता है दुनिया को कुछ कर दिखने का
  • अभी तक आपके समय की कोई बर्बादी नहीं हुए होती है

tips for selection in mppsc जो लोग पहले प्रयास में सफल होते है उन सब में एक बात कॉमन होती है की वे शुरुवात से ही तैयारी को गंभीरता से लेते है ।

(2) तैयारी कब और कैसे शुरू करें

समयान्तः साल में एक बार  ही परीक्षा  का आयोजन  होता है इसलिए तैयारी का समय सीमित होता  है अगर आप कॉलेज में है तो   

 यही समय होता हे शुरुआत करने का 

  • ग्रैजुएशन की पढ़ाई के अंतिम साल से ही तैयारी शुरू कर दे
  • प्रारंभ से ही रोजाना 4-6 घण्टे पढ़ाई की आदत डाले

हर सब्जेक्ट को धीरे धीरे मास्टरी की तरह ले पढ़ाई  में क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पर ध्यान दे ,

(3) सिलेबस को अपना  हथियार बनाये    

syllabus ही आपका  road map  होना  चाहिए जो विद्यार्थी सिलेबस को  line by line  समझते है  वही सही दिशा में मेहनत कर पाते है ,

  • MPPSC  EXAM  के प्री  एवं  मेंस के सिलबस को प्रिंट करके स्टडी टेबल पर चिपका ले 
  • हर एक टॉपिक को चेकलिस्ट की तरह तैयार करे  

tips for selection in mppsc NCERT से लेकर स्टैण्डर्ड बुक्स तक हर बुक के कंटेंट को सिलेबस से लिंक करके पढ़े

(4) स्ट्रैटेजी स्मार्ट स्टडी V/S हार्ड स्टडी 

दिन रात किताबो  में डूबे रहना  सफलता की गारंटी नहीं होता बल्कि सही रणनीति के साथ की गई तैयारी ही आपको अंतिम चयन सूचि में स्थान दिला सकती है

  • टाइम टेबल बनाये , डेली  वीकली  और मंथली स्टडी और रिविज़न  प्लान बनाये ,
  • नया पढ़ने  से पहले पुराने का रिविज़न करे 
  • प्रैक्टिस को समय दे सिर्फ याद करने से ज्यादा बेहतर है उसे समझे

tips for selection in mppsc स्मार्ट स्टडी करें यहाँ स्मार्ट का मतलब है SMART

  1. SPECIFIC
  2. MEASURABLE
  3. ACHIEVABLE
  4. REALISTIC
  5. TIME BOUND GOALS

(5) सही  RESOURCE का  चुनाव  कैसे  करें ?

” TOO MANY BOOKS , LESS CLARITY ”   MPPSC EXAM  FIRST ATTEMPT  की तैयारी करते समय अधिकांश उम्मीदवार इस ट्रैप में फसे रहते है , आपको जरुरत है कुछ चुनिंदा और स्टैण्डर्ड किताबो की

  • MPGK  के लिए LUCENT या मध्यप्रदेश की कोई ऑथेंटिक गाइड पढ़े,
  • NCERT 6 से 12 क्लास तक की इतिहास, भूगोल, राज्यव्यवस्था , अर्थव्यवस्था को अपना बेस मजबूत करने के लिए जरूर पढ़े
  •  CURRENT अफेयर्स के लिए डेली  न्यूज़ पेपर जैसे दैनिक भास्कर , नई दुनिया ,पढ़े  इसके साथ साथ मासिक पत्रिकाएं जैसे प्रतियोगिता दर्पण  ,CRONICLE जैसी बुक्स का अध्ययन करना जरुरी है ।
  • C – SAT के लिए R. S. AGRAWAL ((S.CHAND PUBLICATION)
  • अरिहंत  या  उपकार प्रकाशन की कोई लॉजिकल रीजनिंग की किताबे पढ़ सकते है,

पढ़ाई करते समय यह नियम जरूर याद रखो  ” भले ही कम पढ़ाई करो लेकिन बार बार दोहराओ  ” 

(6) टेस्ट सीरीज और प्रैक्टिस का महत्त्व समझो

TEST सीरीज सॉल्व करने से कमजोरी पता चलती है और प्रैक्टिस से आत्मविश्वास आता है

  • प्रीलिम्स के लिए सप्ताह में एक बार फुल लेंथ टेस्ट लगाएं
  • MAINS एग्जाम के लिए हर दिन 1 या 2 आंसर लिखने की आदत डाले
  • TIME MANAGMENT सीखो , यानि की कोई भी सब्जेक्ट को कितने समय में कम्पलीट करना है
  • मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस करो , इससे आपको अपनी तैयारी में क्या कमी है पता चलेगा , यही

नहीं बल्कि आप अपने आप को रियल एग्जाम के प्रेशर के लिए भी तैयार कर पाएंगे ।

(7) उत्तर लेखन और सही प्रस्तुतीकरण

MPPSC एग्जाम में सफलता का रास्ता आंसर राइटिंग की कला से ही होकर गुजरता है यह जरुरी है की आप लिखते कैसे  है ?

  • पॉइंट्स में आंसर लिखने की कोशिश करें
  • INTRODUCTION – BODY  – CONCLUSION  फॉर्मेट का इस्तेमाल करें
  • डायग्राम , फ्लोचार्ट  , के माध्यम से चीजों को समझाए
  • प्रैक्टिस के लिए खुद की एक उत्तर कॉपी बनाये और उसमे सुधार करते रहे
  • आंसर राइटिंग में समय  निर्धारित  कर लिखने की कोशिश करें जैसे की 10 मिनट में 150 शब्द लिखना है 

(8)  Interview और पर्सनालिटी टेस्ट की तैयारी

यहाँ इंटरव्यू केवल नॉलेज नहीं बल्कि पूरा पर्सनालिटी टेस्ट होता है

  • डेली न्यूज़ पढ़े और उसके आधार पर एनालिसिस करके  विचार बनाये
  • खुद से प्रश्न पूछे ” अगर मुझसे यह प्रश्न पूछा जाये तो में क्या आंसर दूंगा “
  • कॉन्फिडेंस बिल्ड  करने के लिए मिरर प्रैक्टिस करे या फिर दोस्तों के साथ मॉक इंटरव्यू की प्रेक्टिस करे
  • व्यक्तित्व विकास के साथ साथ कम्युनिनिकेशन स्किल पर भी ध्यान दे , कोशिश  करें की आप इंग्लिश में बातचीत करने में सहज हो यानि की आप को अंग्रेजी में बातचीत आती हो ।
  • इंटरव्यू में पूछे जाने वाले प्रश्न और उनके मॉडल आंसर्स के लिए आप विजिट कर सकते  है  http://alltopinterviewquestions.com

tips for selection in mppsc आपका  व्यक्तित्व आपकी सोच आपकी ईमानदारी और समझ से बनता है ,

(9) मोटिवेशन और कंसिस्टेंसी बनाये रखें

MPPSC EXAM  FIRST ATTEMPT में नहीं निकल पाए तो हिम्मत न हारे , इस  यात्रा में ऐसे भी पल आते है जब निराशा  घर करने लगती है उस समय खुद को संभालना ज्यादा जरुरी होता है

  • सोशल मीडिया  से दुरी बनाने की कोशिश करे
  • सेल्फ डाउट आने पर याद करे की ” मै यह काम  क्यों करना चाहता हु “.
  • हर दी कुछ इंस्पिरेशनल QUEOTS पढ़े , कंसिस्टेंसी बनाये रखे CONSISTENCY का मतलब है हर दिन थोड़ा थोड़ा आगे बड़े

(10) SUCCESS  STORY से सीखे

TOPPERS की कहानिया पढ़े उनसे मोटिवेशन ले , उनकी बताई हुए ट्रिक्स तो समझे और यदि आपको लगता है की आप उसे अपना सकते है तो फॉलो करे । MPPSC एग्जाम में पहली बार में सफल होना मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं आपको  बस चाहिए

  • सही दिशा
  • द्रढ़ संकल्प
  • लगातार मेहनत

तो क्या आप तैयार है अपने पहले प्रयास को आखिरी प्रयास बनाने के लिए , याद  रखिये  सफलता एक दिन की संतान नहीं है लेकिन आप अगर थोड़ी थोड़ी मेहनत सही योजना बनाकर करेंगे तो एक दिन वो जरूर आता है जब आप कह सकते  है की ” मैंने MPPSC  एग्जाम पहले बार में ही पास की है ,

अगर यह पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के ससथ जरूर शेयर करे जो MPPSC EXAM  FIRST ATTEMPT में पास करने की इच्छा रखते है , यह भी बताये की उनकी तैयारी में क्या   परेशानियां  आ रही है , ताकि  हम उसके निराकरण के लिए उपयोगी सुझाव दे सकें।